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महाभारत से इस मन को(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

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  2. सच में मैं तो निशब्द हूं.... इतना अच्छे ढंग से समाज के वर्तमान स्वरूप को किया है उजागर ...
    गली गली खड़े रावण पुतला इनका जलना होगा.....
    भ्रष्टाचार मुक्त कर मेरे भारत को राम राज्य बनाना होगा तुम्हे आना होगा राम ....
    इतना सब कुछ रचना के माध्यम से बताना सच में अदभुत है...
    इतनी सुंदर रचना देख तो राम को स्नेह मैम के लिए भी कुछ खास उपहार लाना होगा राम आपको आना होगा...

    ये करके दिखाना राम तुम्हें आना होगा

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