Skip to main content

कड़वा है मगर सत्य है(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

Comments

  1. कितनी अच्छी बात लिखी मेम हृदय को छूने वाली सही कहा सभी रिश्तों को...उतना ही महत्व देना चाहिए जितना खुद के आत्मसम्मान को ठेस ना पहुंचे...किसी एक रिश्ते को अगर कुछ अनबन हो भी जाए तो संवाद से हल करो और अगर संवाद से हल न हो तो..एक उचित संवाद रखते दूरी तय कर लेनी चाहिए

    ReplyDelete

Post a Comment