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विडंबना

Comments

  1. कितनी अच्छी बात.... जैसे भगवान के घर से आए थे वैसे ही वापस जाना है.. फिर क्यूं मनुष्य को प्यारे हैं ये पैसे दौलत शोहरत क्यों मन में इतना लालच हुआ रे
    अगर हटे इनसे मन तो सबसे सुंदर अहसास जीवन का मन का सुख हुआ रे..

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