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दोनों बधाई के हकदार(( बधाई स्नेह प्रेमचंद द्वारा 14/7/2024)

*स्नेह से पहले सम्मान आता है*
*इजहार से पहले अहसास आता है*
*समर्पण से पहले विश्वास आता है*
*पति पत्नी का इस जग में ऐसा
 ही नाता है*

*खून का नहीं,
 है यह भरोसे का नाता
मुझे तो इतना समझ में आता है*

*कुछ करना दरगुजर
 कुछ करना दरकिनार*
यही मूलमंत्र है
 सफल वैवाहिक जीवन का,
स्नेह,सम्मान ही इस नाते का आधार

आज का दिन है अति शुभ 
और मांगलिक आपके लिए,
जुड़े हैं आज दिल के दिल से तार

*प्रेम ज्योति रहे सदा प्रज्वलित अनुज  और ज्योति आप दोनों के जीवन में*
चित में पनपे ना कोई विकार

एक बात रखना याद सदा
*जिम्मेदारी संग ही मिलते हैं अधिकार*
आज चुन लिया है दोनों ने एक दूजे को,
हो जीवन सदा खुशियों से गुलजार

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