फिर से आ जाओ ना माधव July 18, 2024 Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Labels करे द्रौपदी यही पुकार Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments Jiya Soni18 July 2024 at 08:59क्या खूब लिखा..क्यों समाज नही समझता नारी की व्याधि...क्यों दुनियां देती नारी के विचारो को समाधि ..क्यों नही बनता कोई नारी का रक्षक सभी बनते इनके देह के भक्षक इनके आगे तो फीके पड़े राक्षस ..अरे नारी जागो खुद बनो स्वयं का रक्षक.होगा स्वाभिमान का हर हक..करो सामना हर मुश्किल का बेझिझक. ReplyDeleteRepliesReplyAdd commentLoad more... Post a Comment
क्या खूब लिखा..
ReplyDeleteक्यों समाज नही समझता नारी की व्याधि...
क्यों दुनियां देती नारी के विचारो को समाधि ..
क्यों नही बनता कोई नारी का रक्षक
सभी बनते इनके देह के भक्षक
इनके आगे तो फीके पड़े राक्षस ..
अरे नारी जागो खुद बनो स्वयं का रक्षक.
होगा स्वाभिमान का हर हक..
करो सामना हर मुश्किल का बेझिझक.