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युग by sneh premchand

एक व्यक्तित्व ही नहीं,
 एक समूचा युग थे कृष्ण,
एक मनोविश्लेषक,एकमनोवैज्ञानिक,
धर्मज्ञ और राजनेता।
तीन स्पष्ट उद्देश्य थे उनके,
 सन्त लोगों का भला,बुराइयों का नाश,
धर्म की स्थापना ,
सच मायनो में थे वे एक विजेता।।
       स्नेह प्रेमचन्द

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