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Poem on lord krishna by sneh premchand

 व्यक्तित्व ही नहीं, एक समूचा युग थे कृष्ण,
एक मनोविश्लेषक,एक मनोवैज्ञानिक,धर्मज्ञ और राजनेता।
तीन स्पष्ट उद्देश्य थे उनके, सन्त लोगों का भला,बुराइयों के नाश,धर्म की स्थापना ,सच मायनो में थे वे एक विजेता।।

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