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बरखा कर देना(( दुआ मां के दिल से)

*आशीषों की बरखा कर देना ओ मेरे परवरदिगार
सौ बातों की एक बात है,प्रेम ही हर रिश्ते का आधार*

*एक एक करके बीत गए हैं कितने ही साल
हर लम्हे की अपनी ही कहानी,
हे ईश्वर तेरी लीला अति कमाल*

*कारवां चलता रहा यादों का,
लम्हा दर लम्हा बीत रही जिंदगानी
सच में जिंदगी और कुछ भी नहीं,है सिर्फ तेरी मेरी कहानी*

*इस कहानी का लाल मेरे,
है तूं बहुत अहम किरदार*
*एक तेरे होने से ही लगता है
सुंदर ये विविध विहंगम संसार*
*आशीषों की बरखा कर देना,
ओ मेरे परवरदिगार*

अनुभवों की किताब जाने कितने ही पाठ पढ़ाएगी
हर मोड़ पर जिंदगी सौ सौ रूप दिखाएगी
संयम संकल्प,सही विकल्प,
सही नीति ही
जीवन को सार्थक बनाएगी
केंद्रित रहना अपने लक्ष्य पर लाडले,
उपलब्धि प्रयासों को गले लगाएगी
इसी दुआ को मुन्ना मेरे
समझ लेना सच्चा उपहार

*जिंदगी को बनाना है खूबसूरत
कुछ करना दरगुजर,कुछ करना दरकिनार*
*सौ बात की एक बात है लाल मेरे,प्रेम ही हर रिश्ते का आधार*

*दूर हो कर भी दिल के बहुत पास है तूं,तेरे चित में पनपे ना कभी विकार
कभी राह भटकना ना लाल मेरे,बनना है तुझे तो कर्णधार*

*मधुर वाणी और निर्मल चित ने किया है तेरे व्यक्तित्व का दिल से श्रृंगार*
*ना गिला ना शिकवा ना शिकायत कोई,
चित में तेरे बस प्यार ही प्यार*

*आज जेहन की चौखट पर दस्तक दी है फिर तेरी यादों ने 
मुन्ना,धुंधले मंजर पर मन खुशगवार*

*अवरुद्ध सा हो आया कंठ मेरा,
खुशी में भी आंसुओं का लग जाता है अंबार*
*तूं जीए सालों साल लाल मेरे,
बनना प्यारा सा कलमकार*

निकलें शब्द जो तेरी लेखनी से,
सुंदर भावों का किया हो उन्होंने श्रृंगार।।

*आशीषों की बरखा कर देना वो मेरे परवरदिगार
लम्हा लम्हा गुजर जाते हैं बरस कितने ही,हो बस तेरा हर लम्हा खुशगवार*

*एक प्रार्थना है ईश्वर से
चित में न पनपे तेरे कोई विकार*

*ऐसा नजरिया हो विकसित तेरा,अपने ही नजरिए से देखें तूं ये विविधता भरा विहंगम संसार*

*परिवेश और परवरिश तुझे बनाएं बेहतर से बेहतरीन लाडले,
शिक्षा संग मिलें तुझे संस्कार*

*प्रेम के असली मायने समझ आएं तुझे खुद ही,
हो प्रेम भरा तेरा संसार*

*20 बसंत देख लिए तूने जीवन के,पतझड़ दे ना दस्तक तेरे द्वार*

*यही दुआ हैं मां के मन की
तेरे जन्मदिन का उपहार*

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