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शिकायत आसान है(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

*बोलना आसान है
खामोश रहना मुश्किल*

*किसी भी नाते से अलग होना आसान है पर उसे प्रेम से निभाना मुश्किल*

*समस्या को बढ़ाना आसान है
समाधान खोजना मुश्किल*

*स्वार्थी होना आसान है
परोपकारी होना मुश्किल*

*गिरह बांधना आसान है
पर खोलना मुश्किल*

*मित्र बनाना आसान है
पर मित्रता निभाना मुश्किल*

*खामियां देखना आसान है
पर खूबियां सराहना मुश्किल*

*पर ये जितने भी मुश्किल काम हैं
एक बार करने से जीने की राह आसान हो जाती है
किसी को जल्दी किसी को देर से
बात समझ में अवश्य ये आती है*

Comments

  1. अदभुत क्या सामंजस्य स्थापित किया है करना और न करना का..... परिणाम बहुत ही अदभुत ...

    निंदा करना आसान है स्तुति करना मुश्किल बहुत सुंदर पंक्ति
    आलसी बनना आसान है लेकिन मेहनती बनना मुश्किल...
    इंसान से नाता तोड़ना आसान है निभाना मुश्किल...
    कमी निकालना आसान है खूबी ढूंढना मुश्किल...
    चकाचौंध से आकर्षित होना आसान है
    लेकिन वास्तविकता को परखना मुश्किल...
    किसी का विरोधी बनना आसान है परंतु निमित बनना मुश्किल...

    इन सभी मुश्किल कर्मो में मेहनत और समय जरूर लगता है परन्तु यदि एक बार इन्हे कर लिया जाए तो जीवन की राह आसान हो जाती है ...
    मुश्किल काम इंसान को मजबूत बनाता है हर हाल में जीना सिखाता है और जिसे जीवन का ये मतलब समझ में आता है उसका जीवन आसान बन जाता है..

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