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छुटियाँ

आती है जब गर्मी की छुट्टियाँ,
 वो धीरे से याद आ जाती है।
एक कशिश सी थी फिर जाने में,
याद भी मुस्कान ले आती है।।
स्नेहप्रेमचंद

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