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वो है तो सब मुमकिन है thought by snehpremchand

वो है तो सब मुमकिन है,
असम्भव भी सम्भव हो जाता है।
संकल्प से सिद्धि तक के सफर को,
एकजुट होकर करवाता है।
आह्वान किया जब भी उसने,
वतन एकतासूत्र में बंध कर दौड़ा आता है।
एकता में बल है कितना,
सबको अहसास करवाता है।
और अधिक नही आता कहना,
माँ भारती से उसका गहरा नाता है।
वो है तो सब मुमकिन है,
वो वतन का अभिमान बन जाता है।।
       स्नेहप्रेमचंद

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