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आज जन्मदिन है जिनका

आज जन्मदिन है इनका,
आए इनके जीवन मे सदा बहार,

मिले खुशी,सफलता,सुख,समृद्धि और मिले हम सब का प्यार,

रोहिल्लास और कुमार्स की नन्ही कली तुम,
तुमसे घर का आँगन गुलज़ार

करते थे,करते है,करते रहेंगे तुम्हे प्यार हम सब बेशुमार,
एक गुजारिश है ईश्वर से,
शिक्षा संग मिलें तुम्हें संस्कार

कबूल करो आज दुआएँ हमारी,
देखो दुआओं से बड़ा नहीं उपहार

देख तुम्हारी मोहिनी सूरत,
स्नेह का होता है संचार
करता है मन करें प्रकट,
ऊपरवाले का आभार

आयी जो तुम आँगन में हमारे,
समा हो गया गुलज़ार
महकती रहना,चहकती रहना,
प्रेम ही जीवन का आधार
सबसे बड़ी नेहमत यही होती है
ईश्वर की,
पनपे ना चित में कभी अहंकार

*बेगाना भी बन जाता है अपना
बस हो मधुर बोली और मधुर व्यवहार*

समय तो निश्चित रूप से लेगा अँगड़ाई,
कभी पनपे न कोमल चित्त में कोई कुविकार

ओ मेरी लाडो बिटिया रानी!
खिले ऐसा पौधा मन मे तुम्हारे,
जाने जो करुणा,सहयोग,अहिंसा और परोपकार
सुख,स्मृद्धि और सफलता फिर निश्चित ही देगी दस्तक जिंदगी के द्वार
लेखनी ने तो कह दी दिल की,
बस कर लेना इसको स्वीकार।।

Comments

  1. अत्यंत ही सुन्दर रचना 😊

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