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सेवानिवृति पर ढेर बधाई प्रीती जी

*दुआओं का उपहार हो गर शामिल*
कोई भी अवसर फिर आम से अति खास बन जाता है*
प्रीति जी! आपको बखूबी आता है प्रीत निभाना,
आज आप का जाना आंख नम कर जाता है*

*राजनीति पढ़ाई आजीवन,
पर की नहीं कभी राजनीति रिश्तों में भी,और शिक्षा क्षेत्र में भी,
आपका सौम्य व्यक्तित्व सबको बहुत ही भाता है*

माना जीवन का *स्वर्ण काल* हम कार्य क्षेत्र में बिताते हैं
पर शेष बचा जीवन भी होता है *हीरक काल*ये अक्सर भूल जाते हैं
आने वाला हर लम्हा रहे खुशगवार आपका,
दिल मेरा यही गुनगुनाता है
पल,पहर,दिन,महीने,साल कर
दिन एक दिन सेवानिवृति का आ ही जाता है।।
*खास नहीं अति अति खास होता है ये दिन जीवन में,
यही समझ में आता है*

*अब ना समय का बंधन होगा,
अपने सपनों को पंख लगाना*
*रह गया हो जो भी शौक बाकी
उस पर अपना समय लगाना*
*कभी कभी याद कर लेना हमको भी,देखो हम को भूल न जाना*
*बहुत भली सी है मुस्कान आपकी,
यूं हीं आजीवन मुस्कुराना*

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