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Thought on human nature by sneh premchand

कई बार हम नादानी करते हैं
            कोई बात नहीं।
कई बार हम गलती करते हैं
             कोई बात नहीं।
कई बार हम शैतानी करते हैं
             कोई बात नहीं।
पर जब जानबूझ कर किसी की उपेक्षा, अपमान,निंदा,तिरस्कार करते हैं, जिन्हें तवज्जो देनी चाहिए थी,उन्हें अपनी सोच में ही नही रखते,तो बहुत बहुत बड़ी बात है।इस गलती की माफी ही नही बनी।।

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