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Poem on human emotions by sneh premchand

पसन्द और प्रेम में क्या अंतर है।जो पसन्द हो,उसे हम पाना चाहते हैं,जिससे प्रेम हो,उसे हम देना चाहते हैं।जैसे माँ बाप को बच्चों से प्रेम होता है,उन्हें देने में आनंद आता है,बच्चों को लेने में।
    स्नेह प्रेमचंद

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