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श्री हनुमान जन्मोत्सव विशेष ((कंचन बरन विराज सुवेसा हिंदी अनुवाद सहित))

"कंचन बरन विराज सुबेसा
कानन कुंडल कुंचित केसा"

**सुनहला रंग, कानों में कुंडल
और तन पर है सुंदर परिधान**
**घुंघराले बालों से सुशोभित हैं
पवनपुत्र रामभगत हनुमान**

Comments

  1. मां अंजनी के पुत्र हनुमान जी भगवान पर एक अत्यंत ही सुन्दर कृति 😊😊

    जय श्री राम 🙏

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