*आप की वीरता,पराक्रम और साहस ने 174 लोगों की जान बचाई* *घायल होने पर भी की सुरक्षित लैंडिंग, आप को दिल से बहुत बधाई* उड़ते जहाज में हुआ आप पर हमला,खून से लथपथ,फिर भी औरों की जान बचाई देश से दूर हो पर अपनी संस्कृति से नहीं,सबको बात समझ में आई *आपके साहस की बात सुन रामचरित मानस के जटायु का स्मरण हो आया माता सीता के हरण के समय शास्त्रों से सुसज्जित रावण था फिर भी मार्ग रोक माता सीता की रक्षा के लिये वह बिन अपनी जान की परवाह करे आगे आया* *यही धर्म की विराटता है संकट में किसी की रक्षा के लिए आगे बढ़ना* ईश्वर की सच्ची आराधना है* आपके साहस में उसी रक्षक भाव की झलक आती है नजर, स्वयं घायल होने पर भी प्रतिरोध किया,आपके इस सत्कर्म से दिल में बढ़ जाती है सबके कदर* तन भले ही घायल था आपका पर दिल में थी सच्ची ईमानदारी बखूबी जानते थे आप है आप पर 174 ज़िंदगियाँ बचाने की बड़ी जिम्मेदारी इतनी ऊंचाई पर भी लड़ता रहा विमान के सब यात्री हो सुरक्षित ऐसी जद्दोजहद करता रहा अगणित सलाम ऐसे मां भारती के लाल को,मन पल पल नमन उन्हें मेरा करता रहा *आप दिखाते ना सूझ बूझ तो जाने क्या अनर्थ ग...