*जितने भी अपने देखे मनुष्यता ने, सबसे सुंदर सपना राम* भक्तियुक्त,ज्ञानयुक्त और सत्कर्म ही पूजा हैं,बाकी सब विघ्नों का नाम इसलिए नहीं पूजे जाते हैं राम कि इक्ष्वाकु वंश में जन्म लिया, इसलिए पूजे जाते हैं राम कि अपने कर्मों से अपने जन्म को धन्य किया *शास्त्र पढ़े इसलिए पूज्नीय नहीं हैं राम,जब पड़ी जरूरत शस्त्र उठाने में भी न की देरी,ऐसे हैं राम के जग में काम* *राम का जीवन है निरंतर संघर्ष की अदभुत कहानी पर कभी क्रोध नहीं,कोई गुस्सा कोई घृणा नहीं,भली भांति जानते भी थे मानते भी थे धूप छांव सी होती है ज़िंदगानी* *कभी संतुलन नहीं खोया संघर्ष भरे जीवन में राम ने, जिन मूल्यों और आदर्शों संग जीये,उन्हें कभी नहीं छोड़ा कैसी भी हो भयानक परिस्थिति, पर कर्तव्य कर्मों से कभी मुख ना मोड़ा* *मात्र इसलिए पूजनीय नहीं है श्री राम कि उनका विवाह शिव धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा उसे तोड़ने के बाद जानकी जैसी देवी संग हुआ है बल्कि इसलिए पूजनीय हैं राम कि समाज द्वारा ठुकराई गई अहिल्या को भी देवी के संबोधन से संबोधित किया* *राघव गाथा* गा कर सच धन्य हो गया जीवन, पावन हो गई हर सुबह और शाम *जि...