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सबसे सुंदर सपना राम

*जितने भी अपने देखे मनुष्यता ने,
सबसे सुंदर सपना राम*
भक्तियुक्त,ज्ञानयुक्त और सत्कर्म ही पूजा हैं,बाकी सब विघ्नों का नाम

इसलिए नहीं पूजे जाते हैं राम
 कि इक्ष्वाकु वंश में जन्म लिया,
इसलिए पूजे जाते हैं राम कि अपने कर्मों से अपने जन्म को धन्य किया

*शास्त्र पढ़े इसलिए पूज्नीय नहीं हैं राम,जब पड़ी जरूरत शस्त्र उठाने में भी न की देरी,ऐसे हैं राम के जग में काम* 

 *राम का जीवन है
 निरंतर संघर्ष की अदभुत कहानी
पर कभी क्रोध नहीं,कोई गुस्सा कोई घृणा नहीं,भली भांति जानते भी थे मानते भी थे धूप छांव सी होती है ज़िंदगानी*

*कभी संतुलन नहीं खोया संघर्ष भरे जीवन में राम ने,
जिन मूल्यों और आदर्शों संग जीये,उन्हें कभी नहीं छोड़ा
कैसी भी हो भयानक परिस्थिति,
पर कर्तव्य कर्मों से कभी मुख ना मोड़ा*

*मात्र इसलिए पूजनीय नहीं है श्री राम कि उनका विवाह शिव धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा उसे तोड़ने के बाद जानकी जैसी देवी संग हुआ है
बल्कि इसलिए पूजनीय हैं राम कि समाज द्वारा ठुकराई गई अहिल्या को भी देवी के संबोधन से संबोधित किया*

*राघव गाथा* गा कर सच धन्य हो गया जीवन,
पावन हो गई हर सुबह और शाम

*जितने भी अपने देखे मनुष्यता ने,
सबसे सुंदर सपना राम*
हीरे सोने चांदी मोती सब छोड़ दिया राम ने,नहीं छोड़े तो बस तीर कमान

धारा वल्कल,छोड़ा राजपाठ, कर गये संग लखन जानकी के वन को प्रस्थान
आत्मरक्षा के लिए हथियार हों सदा संग हमारे,सिखा गए हमें श्री राम
प्रहार भले ही नहीं करते हम पहले,
पर आत्मरक्षा के लिए हम हों सजग,
दे गए सबको ऐसा ज्ञान

*अहिंसा परमो धर्म हमारा*
बरसों से सुनते आये गुणगान
पर गूढ़ अर्थ है इसका यदि कारण है तो लाखों को मारना भी हिंसा नहीं है
और कारण नहीं है तो चींटी को भी फूंक मारना हिंसा है,समझा गए श्री राम

*सदा अहिंसा सर्वोत्तम मन की कस्तूरी है गर दुष्ट नहीं माने तो हिंसा बहुत जरूरी है*
कितनों द्वारा समझाने पर भी जब रावण सीता माता को नहीं लौटाता
तब बुराई का अंत करने के लिए राम शस्त्र उठाते हैं
सच मानों तो राम फिर *मर्यादा पुरुषोत्तम राम* बन जाते हैं

इसलिए पूजनीय नहीं हैं राम कि दशरथ जैसे चक्रवर्ती राजा के पुत्र हैं 
इसलिए पूजनीय हैं क्योंकि जटायु जैसे बूढ़े पक्षी का पुत्रवत अंतिम संस्कार कर उन्हें मुखाग्नि देते हैं

कोई छोटा या बड़ा नहीं,
कह कर नहीं कर के दिखा गए श्री राम
*नारी अस्मिता के संरक्षक राम*
*जन जन के हृदय में बसते राम*
*कण कण हर क्षण क्षण में राम*
दूसरों की पीड़ा कम करना,
दूसरों को खुशी देना राम का काम
दूसरों को पीड़ा देना,उनके आंसु निकालना रावण का काम
*मनुष्यता ने जितने भी सपने देखे
सबसे सुंदर सपना राम*

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