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हर इतवार हमारा प्यार हिसार(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

*दौड़े आते हैं ये मतवाले हर इतवार*
*जैसे पूरे सप्ताह इन्हे रहता हो इंतजार*
*अपनी ऊर्जा को सही स्थान पर लगा कर ,
 ये बना लेते हैं जिंदगी खुशगवार*

*काबिल ए तारीफ हैं प्रयास इनके, और इनका मधुर व्यवहार*
*अपना साध कर लक्ष्य ये,
करते हैं कोशिश हर बार*

*संकल्प को सिद्धि का ओढ़ा कर 
दुशाला,
सपने कर लेते हैं साकार *
       स्नेह प्रेमचंद


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