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और कहीं फिर क्यों हो जाना(( विचार स्नेह प्रेमचंद द्वारा))

और कहीं फिर क्यों हो जाना??
*Lic है खुशियों का खजाना*

मानों चाहे या ना मानों,
बहुत जरूरी है lic करवाना

*भरोसे का धरातल सपनों का आसमान है lic*
इस सत्य से रहे ना कोई अनजाना

*भरोसा ही परोसा है निगम ने सदा*
आता है हर सुख दुख में इसे साथ निभाना
और कहीं फिर क्यों हो जाना???
*Lic है खुशियों का खजाना*

*कल खेल में हम हों ना हों
पर lic निभाती है सच्चा याराना*

*हर धूप छांव में हर सुख दुख में संग खड़ी होती है lic 
मैं भी जानूँ तू भी जाने और जाने यह सारा ज़माना*

प्रॉब्लम से पहले प्लानिंग जरूरी है
आग लगने के बाद कुआं खोदने मत चले जाना
इसी भाव को पोषित करती यह संस्था
आता है इसे जन जन के दिल में
 छाना

*चेक अप नहीं मेक अप की उम्र में अच्छा होता है पॉलिसी लेना*
ताकि हो उज्ज्वल भविष्य और सफर कटे सुहाना

और कहीं फिर क्यों हो जाना??
संस्था हमारी खुशियों का खजाना
मैं रहा/रही तो जीवन की सांझ में भी आर्थिक रूप से रहूंगा/रहूँगी सक्षम,समर्थ
मैं ना रहा तो मेरा परिवार नहीं टूटेगा,नहीं बिखरेगा आर्थिक रूप से,लइस भाव से सदा मन को समझाना

ज़रूरी नहीं अति जरूरी है lic पॉलिसी लेना,समय की मांग है यह सत्य बताना
है ऐसी सरकारी संस्था जिसका भरोसे,सुरक्षा,संवृद्धि से है नाता पुराना

गारंटीड रिटर्न,सुरक्षित निवेश,आश्वस्त चित,यूं हीं नहीं होता जन जन इसका दीवाना

*आसानी से होता यहां आम आदमी का बीमा,होता नियमित भुगतान दावों का,तत्काल लोन सुविधा,हर पहलू अति आकर्षक,देखो lic पॉलिसी लेना भूल ना जाना*
मात्र वित्तीय संस्थान ही नहीं है यह,
है lic सच्चा साथी जीवन का,आता है बख़ूबी इसे अपने फ़र्ज़ निभाना

 और कहीं फिर क्यों हो जाना???
Lic है खुशियों का खजाना
अपने लक्ष्यों के हिसाब से कर सकते हो निवेश,अनेक विकल्पों संग आता है इसे जीवन में सही राह दिखाना
* टैक्स फ्री रिटर्न,सबसे बड़ी बीमा संस्था lic,परिवार की सुरक्षा का पल पल हर पल गाती तराना*

*समाधान हेतु आगमन,संतुष्टि सहित प्रस्थान* ग्राहक देवो भव से इसे जाता पहचाना
डिजिटल सुविधा,बेहतरीन त्वरित और त्रुटिरहित सेवाएं संग मुस्कान के,हर आयु वर्ग के लिए बेहतरीन उत्पाद,
फिर और कहीं क्यों हो जाना
हर दुविधा को बना देती सुविधा
फिर क्यों लेने में समय लगाना???

और परिचय क्या दूं lic का??जीवन में शांति,आनंद,उमंग,उत्सव लाती है यह,
संग इसके सरल राहें जीवन की बनाना
70 बरस की अद्भुत गौरव गाथा,आता है अर्जुन की भांति इसे अपने लक्ष्य पर निशाना लगाना
माधव सा पथ प्रदर्शन करती संस्था,
बस कर्तव्य पथ पर चलते जाना
जीवन के कुरुक्षेत्र में किसी भी चक्रव्यूह से आता है उसे बाहर ले आना
*LIC है तो फिर और कहीं क्यों हो जाना*


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