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कर्म ही परिचय पत्र होते हैं हमारा

*आप की वीरता,पराक्रम और साहस ने 174 लोगों की जान बचाई*

*घायल होने पर भी की सुरक्षित लैंडिंग,
आप को दिल से बहुत बधाई*

उड़ते जहाज में हुआ आप पर हमला,खून से लथपथ,फिर भी औरों की जान बचाई

देश से दूर हो पर अपनी संस्कृति से नहीं,सबको बात समझ में आई

*आपके साहस की बात सुन रामचरित मानस के जटायु का स्मरण हो आया
माता सीता के हरण के समय शास्त्रों से सुसज्जित रावण था फिर भी मार्ग रोक माता सीता की रक्षा के लिये वह बिन अपनी जान की परवाह करे आगे आया*

*यही धर्म की विराटता है संकट में किसी की रक्षा के लिए आगे बढ़ना*
ईश्वर की सच्ची आराधना है*

आपके साहस में उसी रक्षक भाव की झलक आती है नजर,
 स्वयं घायल होने पर भी प्रतिरोध किया,आपके इस सत्कर्म से दिल में बढ़ जाती है सबके कदर*

*आप दिखाते ना सूझ बूझ तो 
जाने क्या अनर्थ गगन में हो जाता
काँप जाता धरा हिया का,
मंजर मरण का नयन भिगो जाता*

*चुनौती भरे से कुछ क्षणों में प्रेजेंस ऑफ माइंड आपने दिखाई
11 स्वर और 33 व्यंजन पड जाते हैं थोड़े,बस धन्यवाद की बजती चित में शहनाई*

दुर्गम पथ के ओ बटोही!
गीता पढ़ कर नहीं,
कर के आपने है दिखाई
*भारत रत्न*भी छोटा पड जाता है आपसे रतन के आगे,
मुझे तो बात इतनी सी समझ आई 

*क्रिया की प्रतिक्रिया आपके चरित्र की गाथा खुद ही सुनाती है
कुछ लोग जिंदगी के मानचित्र में छा जाते हैं बन दिनकर से,
उनकी रोशनी हर तमस हर जाती है*

इसमें शीर्ष पर हो गया है नाम आपका,आपके शौर्य के आगे दुनिया नतमस्तक हुए जाती है
परिस्थिति पर मनःस्थिति कैसे हो सकती है हावी,यह घटना सत्य सिद्ध किए जाती है

बहुत छोटा शब्द है शुक्रिया आपके लिए,
आपके साहस के बारे में सोच मेरी तो आँखें नम हुए जाती हैं

मां भारती का गौरव बढ़ाया आपने
सही समय पर सही साहस दिखाया आपने
जिंदगी की ना टूटे लडी,गा कर नहीं करके दिखाया आपने
अपनी जान की लगा कर बाजी 174 लोगों को बचाया आपने

शब्दों से नहीं भावों से अधिक दोस्ती है मेरी वरना बता देती कुछ ही क्षणों में युगों युगों तक याद रहने वाला कारनामा कर *जांबाज* बन कर दिखाया आपने

लेखनी ने तो कह दी बात दिल की,
आपको दिल से बहुत बधाई
आपकी वीरता,साहस,पराक्रम,सूझ बूझ ने 174 लोगों 
की जान बचाई
रोम रोम ऋणी रहेगा उन सबका
कहानियां ये बरसों बाद भी देंगी सुनाई
कुछ तो बात है भारत की मिट्टी में,जो देती है जन्म वीरों को,जख्मी भले ही हो जाएं,पर उनका सीना फौलादी हो जाता है
इस सूची में नाम स्मित का बहुत ही ऊपर आता है
              स्नेह प्रेमचंद

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